HC में भी होगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई, SC ने गाइडलाइन्स बनाने को कहा

कोरोना वायरस महामारी का असर देश के हर क्षेत्र पर पड़ा है. बाजार, उद्योग सबकुछ ठप पड़ा है, लेकिन कुछ जरूरी क्षेत्रों में बदलाव के साथ कामकाज जारी है. ऐसा ही कुछ अदालतों में भी हो रहा है, जहां इस संकट की घड़ी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देश के सभी हाईकोर्ट को इस बात की इजाजत दे दी है कि वे अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई कर पाएंगे.


सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए ये ताकत दी. जिसके तहत हाई कोर्ट और ट्रायल कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई कर पाएंगे. यानी लॉकडाउन के बावजूद अब ये अदालतें मामलों की सुनवाई कर पाएंगी. सर्वोच्च अदालत ने इस दौरान कहा कि कामकाज में बदलाव की जरूरत है, ये विवेक नहीं बल्कि कर्तव्य की बात है.


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सोमवार को सर्वोच्च अदालत ने कहा कि इस सिर्फ अभी के लिए ना मानें, बल्कि भविष्य में भी ये लागू होगा क्योंकि टेक्नोलॉजी कहीं जाने वाली नहीं है. अदालत की इस ओर से सेक्रेटरी जनरल, DG NIC, हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को मिलकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुनवाई के लिए गाइडलाइन्स तैयार करने को कहा है.


अदालत ने इसी के साथ सभी हाईकोर्ट्स को इसके लिए इंतजाम करने को कह दिया है. नेशनल इन्फोरमेटिक्स सेंटर अब अदालत के आदेश पर सबी वकील, जजों और कोर्ट स्टाफ के लिए कुछ गाइडलाइन्स तैयार करेगा.



 


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गौरतलब है कि इससे पहले बीते दिनों से सुप्रीम कोर्ट में कई मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई है, जहां चीफ जस्टिस ने भी कुछ केस सुने हैं.